बहाने छोड़कर जिद को कैसे पालें – एक बात एकदम दिमाग में बैठा लीजिए — सफल लोग आपसे ज्यादा टैलेंटेड नहीं होते, बस एक बहुत बड़ा अंतर होता है… और उसका नाम है जिद (Zidd)।
2 दिन मेहनत, 4 दिन आराम… फिर कहना “किस्मत साथ नहीं दे रही” — ये शिकायत अक्सर असफल लोगों को रहती है।
अगर आप भी इस शिकायत के शिकार हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपकी बहुत मदद करने वाला है। क्योंकि अगर आपको सफल होना है, तो जिद के बिना यह संभव नहीं है।
लेकिन सवाल है — जिद लाएं कहां से?
इसी को समझने के लिए इस ब्लॉग पोस्ट को अंत तक ध्यान से पढ़िए।
Table of Contents
बहाने छोड़कर जिद को कैसे पालें – Video Tutorial for You
Consistency की ताकत समझिए
एक पत्थर पर अगर रोज़ पानी की बूंद गिरती रहे, तो वह पत्थर में भी छेद कर देती है।
यहाँ ताकत पानी में नहीं है ताकत है उसके लगातार गिरते रहने में (Consistency) में।
- पहले दिन जिम जाने वाला ताकतवर नहीं बनता
- पहले दिन पढ़ाई करने वाला टॉपर नहीं बनता
- पहले दिन कुछ सीखने वाला महान नहीं बनता
महान वही बनता है जो हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनता है।
बहाने छोड़कर जिद को कैसे पालें – 5 Powerful तरीके
समस्या कहाँ है (बहाने vs जिद)
कितनी बार आपने खुद से कहा है:
- “कल से शुरू करूंगा”
- “आज मूड नहीं है”
- “अभी टाइम सही नहीं है”
सच यह है कि सफल लोगों के पास भी 24 घंटे ही होते हैं।
फर्क सिर्फ इतना है कि उनका मन नहीं करता तब भी वो काम करते हैं।
अगर आपकी आदतें बड़ी नहीं हैं, तो यह सबसे बड़ी समस्या है।
एक छोटी सी कहानी से सीखो
एक लड़का है जो जिम ज्वाइन किया 5 दिन गया पूरे तीन महीने की फीस भी दे दी, लेकिन छठे दिन छोड़ दिया फिर उसको लगा e-commerce में बहुत ज्यादा पैसा है ऑनलाइन काम शुरू करेंगे फिर उसने पूरे मन के साथ जिद्दो जहद और शिद्दत के साथ 10 दिन ऑनलाइन काम किया लेकिन 11 वें दिन छोड़ दिया |
फिर एक दिन उसके पिता जी उसको मिलते है और वो बोलते हैं कि बेटा तू काम बहुत सारे शुरू करता है कमी तेरी मेहनत में नहीं है कमी है तू लगातार मेहनत नहीं करता ये छोटी सी बात थी जो उसके दिमाग में बैठ गई |
अब उसने अपनी इस आदत पर काम करना शुरू किया बस 1% पहले से बेहतर बनना शुरू किया यानी की लगातार काम करना शुरू किया अब वो काम बीच पर नहीं छोड़ता उसने यह तय कर लिया था जो काम शुरू करता था चाहे मन हो या ना हो बुखार हो बीमार हो कुछ भी हो काम नहीं छोड़ना है और वह एक दिन सफल बिज़नेस मैन बन गया |
जिद और consistency कैसे लाएं
सबसे बड़ी गलती लोग क्या करते हैं?
👉 पहले ही दिन hero बनने की कोशिश
- पहले दिन 5 घंटे पढ़ाई
- पहले दिन 3 घंटे जिम
और फिर 2–3 दिन में सब खत्म
सही तरीका क्या है
- रोज़ काम करना है (चाहे कम करो)
- जिम जाना है तो 10 मिनट सही
- पढ़ाई करनी है तो 1 पेज सही
लेकिन करना रोज़ है।
धीरे-धीरे यही छोटी आदतें बड़ी बन जाती हैं।
और आप मेहनती नहीं… consistent इंसान बन जाते हैं।
असली खेल कब शुरू होता है
जब आपका मन नहीं करता फिर भी आप काम करते हैं
यहीं से आपकी willpower strong होती है।
याद रखिए –
दुनिया उसी को याद रखती है जो अंत तक डटा रहता है।
बहाने छोड़कर जिद को कैसे पालें – Real life Example
एक लड़का है जिसका नाम आदित्य है। आदित्य हमेशा कुछ नया शुरू करता था, लेकिन कभी उसे पूरा नहीं कर पाता था। कभी जिम join करता, 4–5 दिन जाता और फिर छोड़ देता। कभी online course खरीदता, 10 दिन पढ़ता और फिर interest खत्म हो जाता।
उसे हमेशा लगता था कि शायद उसकी किस्मत खराब है या उसके पास discipline नहीं है।
एक दिन उसने खुद से सवाल किया — “क्या सच में मेरी किस्मत खराब है या मैं खुद ही बीच में छोड़ देता हूँ?”
तब उसे समझ आया कि उसकी सबसे बड़ी समस्या talent या मेहनत की कमी नहीं है, बल्कि consistency की कमी है।
उसने फैसला किया कि अब वह छोटा शुरू करेगा लेकिन रोज़ करेगा।
पहले दिन उसने जिम जाने का target 1 घंटा नहीं रखा, सिर्फ 10 मिनट रखा। उसे लगा कि 10 मिनट तो मैं जरूर कर सकता हूँ। उसने 10 मिनट exercise की और घर आ गया।
अगले दिन उसका मन नहीं था, लेकिन उसने खुद से promise किया था कि चाहे कुछ भी हो, रोज़ जाएगा। वह फिर गया और 10 मिनट ही किया।
इसी तरह उसने पढ़ाई में भी apply किया। पहले वह 3–4 घंटे पढ़ने की कोशिश करता था और जल्दी थक जाता था। अब उसने सिर्फ 20 मिनट पढ़ने का rule बना लिया, लेकिन रोज़ पढ़ना शुरू किया।
धीरे-धीरे उसे महसूस हुआ कि उसकी आदतें बदल रही हैं। अब उसे काम करने के लिए motivation की जरूरत नहीं पड़ती थी।
1 महीने बाद उसने देखा कि वह बिना रुके लगातार काम कर रहा है। 3 महीने बाद वही आदित्य, जो हर काम बीच में छोड़ देता था, अब अपने काम को पूरा करने लगा।
उसकी life में यह बदलाव किसी बड़े effort से नहीं आया बल्कि रोज़ के छोटे-छोटे consistent actions से आया।
निष्कर्ष (Conclusion)
आपके पास 2 ऑप्शन हैं:
- वही करते रहो जो आज तक करते आए हो
- या आज से खुद से promise करो कि रोज़ अपने ऊपर काम करोगे
👉 चाहे कम करो… लेकिन रोज़ करो
अगर आप मेरी बात से agree करते हैं, तो comment में लिखिए:
“हाँ, मैं हार नहीं मानूंगा”
फिर मिलते हैं अगले ब्लॉग पोस्ट में…
तब तक खुश रहो, सीखो और आगे बढ़ो –
